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Friday, September 28, 2012

कंजंक्टिवाईटिस है दुनिया को


उधर मत ताकना,
कंजंक्टिवाईटिस (conjunctivitis) है दुनिया को..

आँखें छोटी किए
बुन रही है
अपनी सहुलियत से हीं
रास्ता, रोड़े, रंग, रोशनी, रूह, रिश्ते... सब कुछ...

देख रही है
अपने हिसाब से हीं
तुझमें तुझे, मुझमें मुझे...

देख रही है
अभी तुझे हीं... आँखें लाल किए..


उधर मत ताकना,
बरगला लेगी तुझे भी;
बना लेगी
तुझे भी..खुद-सा हीं....

- Vishwa Deepak Lyricist