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Friday, March 01, 2013

मैं एक दिन


मैं एक दिन लिखूँगा खुद को

तुम उस दिन भी नकार देना
मेरे लिखे को
आदतन..

और मैं
निकल जाऊँगा
तुम्हारी अपेक्षाओं से परे

बिल्कुल अपनी कविताओं की तरह

हँसते हुए........ तुमपे!!!

- Vishwa Deepak Lyricist