चलो मान लिया
कि
तुम सच हो,
हर सोच तुम्हारी सच्ची है...
तो मान भी लो -
हर अहद मेरा
सच्चा है बिल्कुल तुम-सा हीं,
क्योंकि जो भी कुछ मेरा है
सब जुड़ा तुम्हारी सोच से है,
सब बना तुम्हारी सोच से है...
मैं भी अब अलग कहाँ तुमसे...
जो तुम सच तो मैं भी सच हूँ
- Vishwa Deepak Lyricist